बीसीडी उपाध्यक्ष हिमाल अख्तर ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर कार्यवाही की मांग की

NEW DELHI :- बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर एडवोकेट महमूद पिराचा के खिलाफ़ एक मामले में पुलिस के छापे के संबंध में कार्यवाही करने की मांग की है

एडवोकेट महमूद पिराचा के ऑफिस पर 24 दिसम्बर को पुलिस ने रेड डाली थी पुलिस के दिन के 12 बजे से रात 2 बजे तक पूछताछ चली थी बताते चलें की एडवोकेट महमूद पिराचा दिल्ली दंगों के केस देख रहें हैं अधिवक्ता को अपने मुवक्किल के जानकारी को गुप्त रखने का विशेषाधिकार है यदि कोई अधिवक्ता ऐसा करता है तो वह भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 126 के अंतर्गत अधिवक्ता को मुवक्किल की जानकरी साझा करने को अनुचित ठहराया गया है

पत्र के अंतिम प्राग्राफ़

”हम कानूनी समुदाय के बीच नाराज़गी और गुस्से को देखते हैं, मुख्यतः क्योंकि यह अधिवक्ता, जैसा कि भारत के संविधान के तहत प्रदान किया गया है, न्याय व्यवस्था, अधिवक्ता अधिनियम, 1961 और बार काउंसिल ऑफ इंडिया रूल्स का अभिन्न अंग है। यह वर्तमान स्थिति में आपके अंत में एक त्वरित कार्रवाई के लिए कहता है।”

बार कौंसिल ऑफ़ दिल्ली उपाध्यक्ष हिमाल अख्तर, राजीव खोसला (सदस्य) और पूर्व अध्यक्ष के•सी• मित्तल द्वारा पत्र पर हस्ताक्षर किये गये हैं

एडवोकेट महमूद पिराचा इस मामले के लिये पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दाख़िल करके उनके कार्यालय पर रेड की वीडियो ग्राफ़ी को संरक्षित करने के माँग की गई है

पटियाला हाउस कोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस से ज़वाब माँगा है साथ ही जाँच अधिकारी को अगली सुनवाई की तारीख़ पर मौजूद रहने का निर्देश दिया गया है

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