प्रश्न नंबर .2. सरकारी सेवक पर समन की तामील कैसे की जाती है ?
(500 शब्द)

उत्तर :- दंड प्रक्रिया संहिता ,1973 की धारा- 66 में सरकारी सेवक पर समन की तामील की रीति का उल्लेख किया गया है-

धारा 66 -सरकार सेवक पर तामील

  • जहां समन किया गया व्यक्ति सरकार की सक्रिय सेवा में है, अर्थात जब समन ऐसे व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया हो जो किसी सरकार की सक्रिय सेवा में है ,
    (राज्य सरकार की सेवा में या केंद्र सरकार की सेवा में)
  • दोनों में से किसी भी सरकार की सेवा में यदि कोई व्यक्ति है तो वहां समन जारी करने वाला न्यायालय मामूली तौर पर ऐसा समन दो प्रतियों में उस कार्यालय के प्रधान को भेजेगा
    जिसके अधीनस्थ वह व्यक्ति कार्य कर रहा है।
  • जिस कार्यालय में वह सरकारी कर्मचारी कार्यरत है उस सरकारी कर्मचारी के कार्यालय का जो प्रधान अधिकारी होगा उस प्रधान अधिकारी को ऐसा समन जारी किया जाएगा या ऐसा समन उस प्रधान अधिकारी को भेजेगा जिसमें वह व्यक्ति सेवक है,
    तब ऐसी प्रतियां मिलने पर वह प्रधान धारा- 62 में उपबंधित प्रकार से समन की तामील कराएगा और उस धारा द्वारा अपेक्षित पृष्ठांकन सहित उस पर अपने हस्ताक्षर करके एक प्रति न्यायालय को लौटा देगा।

(1) ऐसी तामील हस्ताक्षर एवं पृष्ठांकन करके ही की जाएगी)।

(2) ऐसा हस्ताक्षर सम्यक (उचित) तामील का साक्ष्य होगा।

  • वाद- पी. टी. वी. मेनन बनाम गोविंद कृष्ण, A.I.R 1959 मद्रास 165. इस वाद में कहा गया कि ऐसे मामलों में सेवक को सूचना दे देना अथवा उसकी जानकारी में ला देना मात्र पर्याप्त नहीं है।
    उसे समन की एक प्रति दिया जाना आवश्यक है।
  • बृज बल्लभ बनाम ए .आर. खान  A.I.R 1958 राजस्थान, 293. इस वाद में कहा गया कि यदि नियत तिथि को किसी कारणवश सेवक न्यायालय में उपस्थित नहीं रह सकता है तो इस आशय की सूचना न्यायालय में देकर आगामी तिथि प्राप्त की जा सकती है।

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