न्यायिक सेवा मुख्य परीक्षा टेस्ट सीरीज टेस्ट 6, एडवोकेट यशिका सोनी जुडीशल अस्पिरेट्स के द्वारा लिखा हुआ उत्तर पढ़ें और कमेंट करें

लूट(Robbery) और डकैती (Dacoity)
प्रश्न 1. लूट के आवश्यक तत्व क्या है? इसे कब डकैती कहा जाता है?
यदि उपर्युक्त अपराध करते हुए अपराधी किसी की मृत्यु कारित कर देता है तो उसे किस अपराध का दोषी माना जाएगा ? (500 शब्द)

धारा390 :-  धारा 390 कहती है कि लूट में चोरी और उद्यापन दोनों में से कोई एक अपराध होता ही है और लूट या चोरी या  उद्यापन का उग्ररुप होता है

लूट के आवश्यक तत्व: – लोट में या तो चोरी होगी या उद्यापन जो दोनों ही स्थितियों में आवश्यक तत्व भिन्न-भिन्न होंगे

चोरी कब लूट है निम्नलिखित परिस्थितियों में चोरी लूट  होती है

  • जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा किसी व्यक्ति की
  • मृत्यु य उपहति या
  • सदोष अवरोध या आसान मृत्यु या आसन सदोष अवरोध का भय कारित करता  है

उपरोक्त कार्यो में से निम्नलिखित में से किसी एक उद्देश्य की पूर्ति हेतु दिया गया हो

  • चोरी करने के लिए या
  • चोरी करने में या
  • चोरी द्वारा अभिप्राप्त  को  ले जाने या लेने के प्रयत्न करने में

दृष्टांत:- क  य  को दबोच लेता है और य के कपड़ों में से धन और अभूषण य की सम्मिति के बिना कपटपूर्वक निकल लेता है यहां क ने चोरी की और चोरी करने के लिए स्वेचछा य को सदोष अवरोध कारित करता है इसलिए का ने लूट की है

उद्यापन कब लूट  है : यदि निम्नलिखित शर्तें पूरी हो रही हों तो उद्यापन लूट होता है

  • यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को स्वयं उसको या अन्य व्यक्तियों को तत्काल मृत्यु या तत्काल उपहति  या तत्काल सदोष अवरोध के भय  में डालकर उद्यापन कारित करता है और
  • वह व्यक्ति इस प्रकार भी भय में डाले गए व्यक्ति को उत्प्रेरित करता है जिससे भय  में डाला गया व्यक्ति उद्यापन की ओर जाने वाली उसी वस्तु उसी समय और वही परिदत्त  कर दें और
  • उद्यापन कारित करते  समय अभियुक्त भय  में डाले गए व्यक्ति के समक्ष हो

दृष्टांत :- क य को राजमार्ग पर मिलता है एक पिस्तौल दिखाता है और य की थैली मांगता है परिणाम स्वरूप य  अपनी थेली दे देता है यहां क ने य को तत्काल उपहति  का भय दिखलाकर थैली उपहित की है   और उद्यापन करते समय वह उसकी उपस्थिति में है अंत क ने लूट की है

लूट कब डकैती है हर लूट  में डकैती नहीं होती लेकिन डकैती में लूट होती है

डकैती लूट का उग्र रूप है

जब लूट  5 या 5 से अधिक व्यक्तियों द्वारा संयुक्त होकर करना या करने का प्रयत्न करना या ऐसे लूट किए जाने में सहायता करना यदि यह संख्या 5 से कम हो तो वे लूट है लेकिन यदि यह संख्या पांच व्यक्तियों से अधिक के  द्वारा संयुक्त होकर की जाती है तो यह लूट है अर्थात 5 या अधिक से अधिक व्यक्तियों द्वारा की गई लूट डकैती है अर्थार्त 5 या 5 से अधिक व्यक्तियों द्वारा की गयी लूट डकैती है

आकिब उर्फ़ जवेद  बनाम ऐन सी टी दिल्ली राज्य के वाद से  समझा जा सकता है कि कैसे लूट डकैती का अपराध घटित होता है

यदि उपर्युक्त  अपराध करीत करते हुए अपराधी किसी की की मृत्यु कर देता है तो उसे किस अपराध का दोषी माना जाएगा

यघपि डकैती के लिए दंड का प्रावधान भारतीय दंड संहिता की धारा 395 में उल्लेख किया गया है लेकिन यदि का अपराध करते हुए अपराधी किसी की मृत्यु  कारित कर देता  है तो उसके लिए दंड का प्रावधान धारा 396 करती है

धारा 396 : धारा 396 हत्या सहित डकैती

यदि 5 या अधिक व्यक्तियों में से जो संयुक्त होकर डकैती कर रहे हैं कोई एक व्यक्ति इस प्रकार डकैती करने में हत्या कर देगा जो उन व्यक्तियों में से हर व्यक्ति मृत्यु से या आजीवन कारावास से या कठिन कारावास से जिसकी अवधि 10 वर्ष तक की हो सकेगी उसे दंडित किया जाएगा और जुर्माने  से भी दंडनीय होगा

धारा 397 :- मृत्यु या घोर उपहति कारित करने के प्रयत्न के साथ लूट या डकैती

यदि लूट या डकैती करते समय अपराधी किसी घातक आयुध का उपयोग करेगा या किसी व्यक्ति की घोर उपहति कारित  करेगा किसी की मृत्यु कारित करने  का प्रयत्न करेगा तो वह कारावास से  , जिससे ऐसा अपराधी दंडित किया जाएगा 7 वर्ष से कम का नहीं होगा

 

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